काशीपुर : अवैघ हथियारों के फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने प्रोपर्टी डीलर सौरभ अग्रवाल को रुद्रपुर से उसके ड्राइवर के साथ गिरफ्तार करते हुए उसके पास से 1 पम्प एक्शन बन्दूक 12 बोर, 1 पिस्टल सेमी ऑटोमैटिक .30 बोर, 1 पिस्टल .32 बोर, 8 कारतूस (विभिन्न बोर) व दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किये हैं। बता दें कि गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए सौरभ अग्रवाल ने हाईकोर्ट की शरण ली थी लेकिन हाईकोर्ट ने उसकी अर्जी को खारिज कर दिया था।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर धामी के ‘अपराध मुक्त उत्तराखण्ड’ के विजन तथा पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता एवं सत्यता की जांच के उपरान्त दिनांक 4-6-2026 को जनपद ऊधम सिंह नगर की काशीपुर कोतवाली में धारा 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2), 3(5),111 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।
उक्त मुकदमें की विवेचना के क्रम में दिनांक 10-06-2026 की रात्रि को उत्तराखण्ड एसटीएफ व जनपद ऊधम सिंह नगर पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में कार्यवाही करते हुए काशीपुर क्षेत्र से 4 अवैध हथियार व 237 कारतूस एक स्विफ्ट कार से बरामद किये थे, जिन्हें एसटीएफ द्वारा काशीपुर कोतवाली में ले जाकर दाखिल कराया गया था। बरामद अवैध शस्त्र, कारतूस, कूटरचित लाइसेंस एवं वाहन मुकदमा उपरोक्त में नामजद अभियुक्त सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल पुत्रगण राकेश अग्रवाल निवासीगण रामनगर रोड, चामुण्डा विहार, काशीपुर व दीप्ति अग्रवाल पत्नी सौरभ अग्रवाल निवासी काशीपुर होने पाये गये।
उक्त सम्बन्ध में फरार अभियुक्त सौरभ अग्रवाल व अन्य की सुरागरसी-पतारसी कर तलाश हेतु एसटीएफ की विभिन्न टीमे दबिश दे रही थीं, इसी क्रम में दिनांक 11-06-2026 की देर रात्रि को एसटीएफ द्वारा रुद्रपुर रोडवेज के पास से सौरभ अग्रवाल एवं उसके ड्राईवर अमित पाल पुत्र प्रमोद पाल निवासी कटोराताल, काशीपुर को हिरासत मे लिया गया तथा इनके कब्जे से 1 पम्प एक्शन बन्दूक ऑटोमैटिक 12 बोर, 1 पिस्टल ऑटोमैटिक .30 बोर, 1 पिस्टल ऑटोमैटिक .32 बोर, 8 कारतूस (विभिन्न बोर) व दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किये गये।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ द्वारा राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले की जांच की जा रही है और एसटीएफ द्वारा राज्य में इस सम्बन्ध में विभिन्न जनपदों में 3 अभियोग दर्ज कर संलिप्त 7 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है तथा अब तक 12 अवैध शस्त्र, 315 कारतूस व फर्जी लाइसेंस बरामद किये जा चुके हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि दिनांक 10-06-2026 को काशीपुर क्षेत्र से स्विफ्ट कार से जो भारी मात्रा में अवैध शस्त्र बरामद हुए थे, वह कार गिरफ्तार किये गये अभियुक्त अमित पाल द्वारा सबूतों को मिटाने व साक्ष्य को छुपाने की नीयत से काशीपुर में पार्किंग में छुपाकर खड़ी की गयी थी। एसटीएफ द्वारा अभियुक्त के कब्जे से पूर्व में बरामदा कार की चाबी भी बरामद हुई। पूछताछ में अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आये हैं, जिस पर सूचना विकसित कर कार्यवाही की जा रही है।
उक्त के अतिरिक्त राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों एवं उनके धारकों का सत्यापन जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे भी लगातार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
एसटीएफ द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो वह तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं, सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जायेगा।
एसटीएफ से संपर्क हेतु मो.नं. 9412029536
एसटीएफ उत्तराखण्ड टीम में निरीक्षक विकास चौधरी, निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एमपी सिंह, एसआई विपिन चन्द्र जोशी, कृष्ण गोपाल मठपाल, हे.कां. रविन्द्र सिंह बिष्ट, महेन्द्र गिरी, सुरेन्द्र सावंत, संजय कुमार, कां. सोनू पाण्डे तथा किशन चन्द्र शर्मा (सर्विलांस) शामिल थे।
