रुद्रपुर : साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऊधम सिंह नगर पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीके बताए। साइबर सुरक्षा माह के तहत नगर निगम सभागार रुद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में साइबर सेल की टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, फर्जी लिंक और KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी समेत साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी दी।

यह जागरूकता कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान/वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह के दौरान हुआ। कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नागरिकों और अन्य लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में बताया गया।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान

पुलिस टीम ने बताया कि साइबर ठग पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या व्हाट्सऐप के जरिए लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी को भी व्हाट्सऐप या वीडियो कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं किया जाता और जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने की मांग नहीं की जाती।

कार्यक्रम में ऑनलाइन फिशिंग, फर्जी मैसेज और लिंक, KYC अपडेट फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, APK फाइल डाउनलोड के जरिए ठगी और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे मामलों से भी सावधान रहने को कहा गया।

OTP और UPI PIN किसी से साझा न करें

पुलिस ने लोगों से कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, ATM/CVV, बैंक खाते की जानकारी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। अनजान स्रोत से आने वाली APK फाइल, ऐप या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें।

सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड रखने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखने की सलाह दी गई।

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल

पुलिस ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा NCRP पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस ने कहा कि ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, रकम की रिकवरी की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है।

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