देहरादून : प्रमुख सचिव (वित्त) रमेश कुमार सुधांशु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में चम्पावत विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख सचिव ने विभागाध्यक्षों को प्रत्येक सप्ताह तथा विभागीय सचिवों को प्रत्येक 15 दिन में सीएम घोषणाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नामित कर पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट करने को कहा। उन्होंने वर्ष 2021 से लंबित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभाग प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को पूरा करें। जिन घोषणाओं के शासनादेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें शीघ्र जारी करने तथा समायोजन या विलोपन से संबंधित प्रस्तावों का निस्तारण कर घोषणा सेल को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि गोलू देवता, घोड़ाखाल और चितई मंदिरों को जोड़कर विशेष गोल्ज्यू कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव को व्यय वित्त समिति की संस्तुति और मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर प्रमुख सचिव ने पत्रावली वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
चम्पावत में जिम कॉर्बेट ट्रेल के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था बदलकर उत्तराखण्ड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) को नामित किया गया है। प्रमुख सचिव ने इसका शासनादेश जल्द जारी करने और एक सप्ताह के भीतर डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं, चूका ट्रेक रूट के सुदृढ़ीकरण का कार्य आंशिक रूप से पूरा होने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी चम्पावत को नगर क्षेत्र में सीवर लाइन के कार्य का यूयूएसडीए के साथ परीक्षण कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके अलावा जवाहर नवोदय विद्यालय लटौली में खेल मैदान विस्तार, हनुमान मंदिर मेला स्थल के सौंदर्यीकरण, नारियाल गांव में एबीसी सेंटर (श्वान बंध्याकरण) की स्थापना तथा टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में 220/33 केवी विद्युत स्टेशन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि गुरु गोरखनाथ धाम तक सड़क चौड़ीकरण तथा चम्पावत रोडवेज स्टेशन में आधुनिक मल्टीस्टोरी पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
बैठक में विभिन्न विभागों के सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख वन संरक्षक, अपर सचिव, अपर निदेशक सूचना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
