काशीपुर : कटोराताल निवासी 17 साल के मुर्सलीन की मौत के मामले ने नया रुख अख्तियार कर लिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने 19 दिन बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए मुर्सलीन के शव को उसकी कब्र से निकाला है।
आपको बता दें कि नई बस्ती, कटोराताल, काशीपुर निवासी 17 साल के मुर्सलीन का शव विगत 17 मई 2026 की सुबह घर की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ मिला था, जिसके बाद उसकी मौत को आत्महत्या मानते हुए पुलिस ने मुर्सलीन के शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया था, जिसके बाद परिजनों ने मृतक को दफना दिया था।
लेकिन घटना स्थल पर पड़े खून और बेटे के सिर पर चोट के निशान ने पिता की बेचैनी को बढ़ा दिया और हत्या की आशंका के चलते पीड़ित पिता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां सबूतों के आधार पर हाईकोर्ट ने प्रसाशन को फिर से शव का पोस्टमार्टम करने के आदेश दिये गए आदेशो के बाद आज फॉरेंसिक टीम व प्रसाशन द्वारा शव को कब्र से निकाला गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है
मृतक के पिता इमरान अली ने बताया विगत 16 मई 2026 की शाम बाल कटवा कर मेरे साथ था, उसके बाद 10 बजे के आसपास परिवार वालों से भी मुलाकात हुई थी, लेकिन अगली सुबह 6 बजे तीसरी मंजिल पर बने स्टोर में जाकर देखते हैं तो दुपट्टे की आधी गांठ मे लटका हुआ था। हमें ऐसा लगा कि यह सुसाइड केस है।

उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना दी, पोस्टमार्टम हुआ और एसएचओ से बात हुई तो उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने लिखा है कि दम घुटने से मौत हुई है। लेकिन पोस्टमार्टम होने के बाद हमने गौर से देखा तो मुर्सलीन के सिर के पीछे चोट का निशान था। तभी मुझे शक हुआ, कमरे में सर्च किया तो वहां देखा तो कमरे में खून मिला और एक चादर खून से सनी मिली, उन्होंने एसएचओ को सूचित किया, उन्होंने फॉरेंसिक टीम भेजी। इसके बाद उन्हें पूर्ण यकीन हो गया कि उनके पुत्र का मर्डर हुआ है। इसके बाद उन्होंने जाकर हाईकोर्ट अपील की और कोर्ट ने आदेश कर दिया कर दिया।
इमरान अली ने बताया कि उनका पुत्र मुर्सलीन 17 वर्ष का था और उसका मौहल्ले में ही रहने वाली एक लड़की से प्रेम प्रसंग था। लड़की के भाईयों ने उनके पुत्र को कई बार धमकाया भी था।
वहीं इमरान अली के अधिवक्ता मौहम्मद अली ने बताया कि हाई कोर्ट में अपील की गई थी। मृतक के सिर पर चोट का गहरा निशान है जो कि सुसाइड केस में नहीं आती, घर के अंदर ब्लड मिला है और एक खून से सनी चादर मिली है। बॉडी पर चेहरे पर घाव के निशान भी थे। आत्महत्या वाले मामले में ऐसी चोट के निशान नहीं होते। हाई कोर्ट में भी इसका जिक्र आया है। कोर्ट में जो फोटोग्राफ दाखिल हुए हैं उन्हें देखकर कोर्ट ने 3 जून 2026 को आदेश दिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह रिपोर्ट जो दर्ज हुई है, वह डिले हुई है। 17 जून 2026 की घटना है और 1 जून 2026 को रिपोर्ट दर्ज हुई है क्योंकि परिवार वाले पुत्र की मौत के बाद बेहद ही गम में थे। उसके बाद एसएसपी उधम सिंह नगर, एसडीएम तथा जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई, तब जाकर उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली।
उधर, एसडीएम काशीपुर अभय प्रताप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बाद एक बॉडी जो पहले दफना दी गई थी, उसको निकाला जा रहा है और बाहर निकालते समय जो प्रोटोकॉल होते हैं उसका अनुपालन किया जा रहा है। मौके पर फोरेंसिक टीम, मेडिकल आफिसर, रेवेन्यू विभाग की टीम ओर पुलिस की टीम तथा मृतक के परिजन उपस्थित रहे।
