बेंगलुरु : बेंगलुरु में पीजी, हॉस्टल, होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। शहर में अब इन जगहों पर सुरक्षा, साफ-सफाई और फूड सेफ्टी से जुड़े नियमों की जांच की जाएगी। बेंगलुरु ईस्ट सिटी कॉरपोरेशन ने अधिकारियों को बड़े स्तर पर अभियान चलाकर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जांच में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

इस अभियान को पूरा करने के लिए अधिकारियों को सात दिन का समय दिया गया है। कॉरपोरेशन के कमिश्नर डीएस रमेश ने टीमों को तेजी से जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक प्रॉपर्टी का अलग-अलग निरीक्षण किया जाएगा और नियमों में खामी मिलने पर उसकी जियो-टैग्ड तस्वीरें भी रिकॉर्ड का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।

अभियान के दौरान गियर स्कूल रोड, न्यू हॉररजन कॉलेज के आसपास और थुबाराहाल्ली इलाके पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन क्षेत्रों में पीजी और हॉस्टल के अलावा आसपास चल रहे दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। प्रशासन यह पता लगाएगा कि कहीं कोई कारोबार जरूरी मंजूरी और लाइसेंस के बिना तो नहीं चल रहा है।

पीजी और हॉस्टल की जांच में बिल्डिंग के स्वीकृत नक्शे से लेकर निर्माण की अनुमति तक की पड़ताल होगी। अगर किसी भवन में बिना मंजूरी के अतिरिक्त निर्माण या मंजूर प्लान से अलग बदलाव मिला तो कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा ट्रेड लाइसेंस, फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, पीने के पानी, टॉयलेट, ड्रेनेज और कचरा निस्तारण की व्यवस्था भी जांची जाएगी। फुटपाथ, सड़क या नाले पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग को लेकर भी कार्रवाई की संभावना है।

होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में जांच का मुख्य फोकस खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर रहेगा। अधिकारियों की टीम किचन में इस्तेमाल हो रही खाद्य सामग्री की जांच करेगी और यह देखा जाएगा कि कहीं एक्सपायर्ड सामान का इस्तेमाल या भंडारण तो नहीं हो रहा। खाने की स्टोरेज, साफ पानी, किचन की स्वच्छता, कर्मचारियों की हाइजीन और कीट नियंत्रण जैसे पहलुओं को भी जांचा जाएगा।

अगर किसी प्रतिष्ठान में मिलावटी, एक्सपायर्ड या असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलती है तो संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस अभियान के जरिए प्रशासन का मकसद केवल शिकायतों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करना है। ऐसे में नियमों की अनदेखी कर कारोबार चला रहे पीजी, होटल और फूड बिजनेस संचालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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