काशीपुर  : सहोता सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं न्यूरो एंड रोबोटिक सेंटर, काशीपुर में हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई। अस्पताल में पहली बार Intravascular Ultrasound (IVUS) तकनीक की सहायता से एक जटिल हृदय प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई।

यह प्रक्रिया आगरा के 32 साल के मरीज पर की गई, जो बेहतर उपचार की उम्मीद में काशीपुर आया था। मरीज को हृदय संबंधी समस्या के कारण विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता थी। विस्तृत जांच के बाद उपचार टीम ने आईवीयूएस तकनीक का उपयोग करते हुए रक्त वाहिका की अंदरूनी स्थिति का सटीक मूल्यांकन किया और सफल उपचार किया।

इस जटिल प्रक्रिया का नेतृत्व वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशाक हुसैन खांडे ने किया। उन्होंने बताया कि आईवीयूएस एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसके माध्यम से हृदय की रक्त वाहिकाओं के भीतर की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इससे स्टेंट की सही लंबाई, आकार और स्थिति का निर्धारण अधिक सटीकता से किया जा सकता है, जिससे मरीज को बेहतर परिणाम मिलते हैं।

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. रवि सहोता एवं डॉ. गुरपाल सिंह सहोता ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि सहोता अस्पताल का उद्देश्य काशीपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। आईवीयूएस जैसी उन्नत तकनीक का उपलब्ध होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

अस्पताल की ऑपरेशन्स डायरेक्टर तनवीर गुरपाल सहोता ने कहा कि अस्पताल लगातार नवीनतम तकनीकों और विशेषज्ञ सेवाओं को मरीजों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर डॉ. नवप्रीत कौर सहोता, डॉ. विक्रम तोमर, डॉ. ज़ैद, डॉ. गर्विता सिंह अग्रवाल, डॉ. भारत भूषण, डॉ. अमित मौर्य, डॉ. शत्रुंजय तथा डॉ. नितिन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूरी टीम को बधाई दी।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, आईवीयूएस तकनीक के उपयोग से जटिल हृदय रोगों के उपचार में और अधिक सटीकता आएगी तथा मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित परिणाम प्राप्त होंगे। यह उपलब्धि काशीपुर में आधुनिक हृदय चिकित्सा सेवाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *