सरकारी नौकरियों में 10% क्षैतिज आरक्षण के बाद अब रिटायर अग्निवीरों के पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार पर फोकस
देहरादून : उत्तराखंड की धामी सरकार अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार रिटायर होने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए एक विशेष बोर्ड गठित करने की योजना बना रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो उत्तराखंड ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।
राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों को समूह ‘ग’ की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय ले चुकी है। अब जिन अग्निवीरों का सरकारी सेवाओं में समायोजन नहीं हो पाएगा, उनके लिए अलग से पुनर्वास और रोजगार की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में मिलेगा सहयोग
सूत्रों के अनुसार, सरकार ऐसे अग्निवीरों को विशेष कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करेगी। वहीं, निजी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी योजना है।
हर अग्निवीर के पुनर्वास पर रहेगा फोकस
अग्निपथ योजना के पहले बैच से सेवानिवृत्त होने वाले प्रत्येक अग्निवीर के पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए सरकार व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। इस दिशा में निजी कंपनियों के सहयोग से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
केंद्र सरकार भी कर सकती है बड़ा फैसला
फिलहाल केंद्र सरकार की नीति के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान है। हालांकि, चर्चा है कि सेनाओं की जरूरत और अग्निवीरों के अनुभव को देखते हुए भविष्य में इस प्रतिशत को बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।