- सेवा पखवाड़ा: प्रदेशभर में 2,366 से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित
- 389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
- स्वास्थ्य, स्वरोजगार, कृषि, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मिला लाभ
देहरादून : राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ तथा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत गुरुवार को प्रदेशभर में बहुउद्देशीय जनसेवा एवं जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया गया तथा प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण की कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, श्रम, आयुष, विद्युत, पेयजल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी। पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा, प्रमाण-पत्र, पेंशन, कृषि सहायता, महालक्ष्मी किट, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित कई सेवाओं का लाभ दिया गया।
हरिद्वार, चम्पावत, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, नैनीताल, चमोली और ऊधम सिंह नगर सहित विभिन्न जनपदों में बड़ी संख्या में लोगों ने शिविरों का लाभ उठाया। नैनीताल के कोटाबाग में 510 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिला, जबकि 250 में से 190 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 16 लाभार्थियों को लगभग 13 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में 2,366 से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए। कुल 389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 257 से अधिक का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी सेवाएं पहुंच रही हैं और सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याण का लाभ पहुंचाना है।
