हल्द्वानी : हल्द्वानी में एक महिला दरोगा ने एसओजी में तैनात कांस्टेबल पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला दरोगा का आरोप है कि कांस्टेबल ने उनके पति और बच्चों को भी निशाना बनाने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मिली जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल को निलंबित भी कर दिया गया है।

शिकायत के बाद भी धमकियां देने का आरोप

राजपुरा चौकी प्रभारी एसआई आरती ने कोतवाली हल्द्वानी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि एसओजी में तैनात कांस्टेबल अनिल गिरी ने 10 अक्टूबर 2026 को फोन कर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें व उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि कांस्टेबल ने काशीपुर स्थित उनके आवास पर जाकर उनके बच्चों को भी नुकसान पहुंचाने की बात कही।

महिला दरोगा के मुताबिक, उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उसी दिन एसएसपी नैनीताल को मामले की जानकारी दे दी थी। आरोप है कि इसके अगले दिन, 11 अक्टूबर को भी कांस्टेबल ने उन्हें फोन कर शिकायत करने पर नाराजगी जताई और धमकियां देना जारी रखा।

हिमालयन स्कूल से कोतवाली तक पीछा करने का आरोप

एसआई आरती ने आरोप लगाया कि कांस्टेबल उन्हें तलाशते हुए आवास विकास स्थित हिमालयन स्कूल पहुंच गया। खुद को असुरक्षित महसूस करते हुए वह अपने निजी वाहन से कोतवाली हल्द्वानी पहुंचीं। आरोप है कि कुछ ही देर बाद कांस्टेबल भी उनका पीछा करते हुए कोतवाली परिसर में पहुंच गया और उनका फोन छीन लिया।

तहरीर के अनुसार, अपनी सुरक्षा को लेकर महिला दरोगा सीसीटीएनएस कक्ष में चली गईं, जहां दो अन्य पुलिसकर्मी पूरन सिंह मेहरा और ललित रेखाड़ी मौजूद थे। आरोप है कि कांस्टेबल वहां भी पहुंच गया और अधिकारियों को सूचना देने के लिए हैंडसेट व आरटी सेट का इस्तेमाल करने से रोकने लगा।

महिला दरोगा ने आरोप लगाया कि इसी दौरान कांस्टेबल ने उनके साथ मारपीट की, वर्दी पकड़कर खींचा और घसीटने लगा। साथ ही, किसी को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के मुताबिक, वहां मौजूद दोनों पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया।

लाइसेंसी पिस्टल का भय दिखाने का भी आरोप

एसआई आरती ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि कांस्टेबल के पास निजी लाइसेंसी पिस्टल है और वह इसके दम पर उन्हें धमकाता रहा। उन्होंने दावा किया कि जब कांस्टेबल को पता चला कि घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है, तो उसका व्यवहार बदल गया और वह हाथ जोड़कर तथा कान पकड़कर माफी मांगने लगा।

महिला दरोगा का आरोप है कि कांस्टेबल ने उन्हें करीब 17 से 18 मिनट तक सीसीटीएनएस कक्ष में रोके रखा और बाहर निकलकर किसी को सूचना देने से बाधित किया। उन्होंने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालने और उन्हें बंधक बनाने जैसा कृत्य बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने एसआई आरती की तहरीर के आधार पर कांस्टेबल अनिल गिरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 351(3), 352 और 79 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसआई कुमकुम धनिक को सौंपी गई है।

प्रकरण में आगे की कार्रवाई जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।

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