उधम सिंह नगर : मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों पर एसएसपी अजय गणपति के सख्त रुखके चलते पुलिस ने भोले-भाले, गरीब, थारू समाज एवं अनुसूचित जाति के लोगों को पैसों, प्रलोभन और डर का सहारा लेकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए विवश करने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

आपको बता दें कि दिनांक 23.5.2026 को ग्राम दियां, खटीमा, जनपद ऊधम सिंह नगर निवासी निवलेश राणा पत्नी संदीप सिंह राणा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके पति संदीप सिंह राणा, कमलजीत सिंह एवं दान सिंह राणा द्वारा उन्हें जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, विरोध करने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी तथा बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही थी।

निवलेश राणा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 196(2)/351(2)/352/115(2)/61(2)/299 एवं 3/5 उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की।

जांच के दौरान पता चला कि दान सिंह राणा आम जनता विशेषकर थारू जनजाति एवं गरीब परिवारों को उनकी पारिवारिक परेशानियां दूर करने, बीमारी ठीक कराने तथा आर्थिक सहायता दिलाने का लालच देता था। उसके द्वारा लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के एवज में प्रतिमाह 6000 रुपये तथा एकमुश्त 2 लाख रुपये देने का लालच दिया जाता था। लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद उनकी बीमारी, पारिवारिक समस्याएं एवं आर्थिक परेशानियां समाप्त हो जाएंगी।

वहीं, दिनांक 10.05.2026 को वार्ड नं.-20, मुण्डेली, खटीमा निवासी रामपाल पुत्र स्व. नत्थू लाल ने पुलिसको तहरीर देकर बताया कि जय सिंह राणा, द्रौपदी राणा एवं सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह द्वारा खटीमा क्षेत्र के थारू बाहुल्य गांवों एवं अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा था। आरोप है कि अभियुक्त लोगों को प्रार्थना सभाओं में बुलाते थे, हिन्दू धर्म के संबंध में भ्रामक एवं अपमानजनक बातें कहते थे तथा ईसाई धर्म की विशेषताएं बताकर लोगों को प्रभावित करते थे। अभियुक्तों द्वारा ईसाई धर्म से संबंधित किताबें वितरित की जाती थीं तथा लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता था। विरोध करने या किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जाती थी।

मामले में बीएनएस की धारा 196(2)/303 एवं 3/5 उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया

मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति द्वारा तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। एसपी रुद्रपुर एवं सीओ खटीमा के पर्यवेक्षण में गठित टीमों द्वारा लगातार दबिश एवं तलाशी अभियान चलाया गया तथा दिनांक 27.05.2026 को पुलिस टीम द्वारा दोनों मुकदमों में वांछित 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया।

दान सिंह राणा के कब्जे से 1 मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसमें धर्मांतरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। मोबाइल में प्रार्थना सभाओं की फोटो एवं वीडियो, लोगों को स्नान कराकर धर्म परिवर्तन कराने से संबंधित सामग्री, पैसों के लेनदेन के स्क्रीनशॉट, धर्मांतरण का लक्ष्य निर्धारित करने से संबंधित लेख तथा ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त वादिनी के पति संदीप सिंह को बच्चों के आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेजों सहित बुलाने से संबंधित वार्तालाप भी प्राप्त हुई है।

गिरफ्तार किये गये अभियुक्त –
1- दान सिंह (54 वर्ष) पुत्र चमन सिंह राणा निवासी मौहम्मदपुर भुड़िया, खटीमा।
2- जय सिंह (36 वर्ष) पुत्र परशुराम राणा निवासी कुटरी, चकरपुर, खटीमा।
3- द्रौपदी राणा (32 वर्ष) पत्नी जय सिंह राणा निवासी कुटरी, चकरपुर, खटीमा।
4- सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह (52 वर्ष) पुत्र तरसेम सिंह निवासी भूड़ महोलिया, खटीमा।

पुलिस टीम में कोतवाल खटीमा बिजेन्द्र साह, एसएसआई केसी आर्या, एसआई अशोक काण्डपाल, विकास कुमार, कां. मौ. मोहसिन, नरेन्द्र लाल टम्टा, कमल पाल तथा पूजा जोशी शामिल थे।

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