गदरपुर : फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास, जाति और अनाथ प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में गदरपुर पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। राजस्व विभाग की जांच में आधार कार्ड, राशन कार्ड, खतौनी, परिवार रजिस्टर और बिजली के बिल में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर प्रमाणपत्र बनवाने की बात सामने आई है।

राजस्व निरीक्षक विनोद कुमार की तहरीर पर पुलिस ने शुभम हुड़िया, निखिल वर्मा, प्रमोद सैनी, शेखर अरोड़ा, लवी, प्रियांशु गुप्ता, वैष्णवी सिंह, अवंतिका डवास, वनावी कुमारी और प्रभात चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसआई सुरेंद्र सिंह रिंगवाल को सौंपी गई है।

जांच में एक के बाद एक सामने आई गड़बड़ी

राजस्व निरीक्षक के मुताबिक, राजस्व उपनिरीक्षक गोविंदपुर सरताज अली ने 24 सितंबर को तहसीलदार गदरपुर को कुछ प्रमाणपत्रों को लेकर रिपोर्ट दी थी। इसके बाद अभिलेखों की जांच और मौके पर सत्यापन किया गया। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों से भी पूछताछ की गई।

जांच में सामने आया कि कुछ प्रमाणपत्रों के आवेदन में ऐसे दस्तावेज लगाए गए थे, जो देखने में वास्तविक लग रहे थे, लेकिन संबंधित विभागों से जांच कराने पर उनके विवरण सही नहीं पाए गए।

आधार से लेकर राशन कार्ड तक, कई दस्तावेजों पर सवाल

जांच में प्रियांशु गुप्ता के स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र में लगाए गए आधार कार्डों को आधार ऑपरेटर से चेक कराया गया। पुलिस के मुताबिक, तीनों आधार गलत पाए गए। इसके अलावा लगाए गए राशन कार्ड, खतौनी और बिजली के बिल के विवरण में भी विसंगतियां मिलीं।

जांच के दौरान संबंधित खतौनी के व्यक्ति ने लिखित रूप से बताया कि उसके परिवार में प्रियांशु गुप्ता नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता और उसने किसी को अपनी खतौनी उपलब्ध नहीं कराई थी। प्रियांशु से फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन नंबर गलत पाया गया।

वैष्णवी, अवंतिका और प्रभात के प्रमाणपत्रों में भी मिली गड़बड़ी

जांच में वैष्णवी सिंह के स्थायी निवास प्रमाणपत्र में लगाए गए दस्तावेजों की भी जांच की गई। पुलिस के अनुसार, राशन कार्ड किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज मिला, जबकि बिजली कनेक्शन नंबर दूसरे आवेदन में भी इस्तेमाल किया गया था।

इसी तरह अवंतिका डवास के स्थायी निवास, जाति और अनाथ प्रमाणपत्र में लगाए गए दस्तावेजों की जांच में राशन कार्ड और खतौनी के विवरण अलग पाए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर जारी प्रमाणपत्रों को निरस्त किए जाने की कार्रवाई की गई है।

वनावी कुमारी के प्रमाणपत्रों में लगाए गए आधार और अन्य दस्तावेजों को लेकर भी जांच में गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है। मौके पर सत्यापन के दौरान संबंधित व्यक्ति के वहां नहीं रहने की जानकारी मिली। वहीं राशन कार्ड और बिजली के बिल के विवरण में भी कथित तौर पर अनियमितता पाई गई।

प्रभात चौधरी के स्थायी निवास और अनाथ प्रमाणपत्र में लगाए गए राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, खतौनी और बिजली बिल की जांच में भी दस्तावेजों का विवरण सही नहीं मिला।

निखिल वर्मा के बयान के बाद सामने आए अन्य नाम

राजस्व निरीक्षक की तहरीर के अनुसार, मामले की आगे की जांच में प्रमोद सैनी, शेखर अरोड़ा और लवी के नाम भी सामने आए। निखिल वर्मा, प्रमोद सैनी और शुभम हुड़िया के बयान उप जिलाधिकारी और तहसीलदार के समक्ष दर्ज किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, निखिल वर्मा और शुभम हुड़िया के मोबाइल फोन में कई रिकॉर्डिंग और दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

गदरपुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338, 339, 340(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब प्रमाणपत्रों में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, उनके तैयार होने और आवेदन प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

राजस्व विभाग की ओर से कुछ प्रमाणपत्रों को निरस्त किए जाने की कार्रवाई भी की जा चुकी है, जबकि कुछ मामलों में जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति जिला स्क्रूटनी समिति को भेजी गई है।

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