हल्द्वानी : आपात स्थिति में पुलिस तक तुरंत सूचना कैसे पहुंचाई जाए और मोबाइल का SOS फीचर किस तरह मददगार हो सकता है, इसे लेकर नैनीताल पुलिस ने लामाचौड़ के राजकीय इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस संचार शाखा की टीम ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को डायल 112 की सुविधा के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी, महिला या बाल सुरक्षा से जुड़ी समस्या अथवा किसी आपराधिक घटना की स्थिति में 112 पर सूचना देकर तत्काल सहायता मांगी जा सकती है।
कार्यक्रम में मोबाइल फोन के SOS फीचर को लेकर भी छात्रों को जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि आपात स्थिति में मोबाइल के पावर बटन को लगातार दबाने या निर्धारित शॉर्टकट के जरिए SOS सक्रिय किया जा सकता है। इससे बिना नंबर डायल किए आपातकालीन संपर्कों और संबंधित सेवाओं तक अलर्ट पहुंचाया जा सकता है।
पुलिस ने छात्रों को यह भी समझाया कि 112 और SOS जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही किया जाना चाहिए। गलत या फर्जी सूचना देने से जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंचने में देरी हो सकती है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पुलिस टीम से कई सवाल पूछे। अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में पुलिस संचार शाखा की एएसआई शांति नैनवाल और महिला कांस्टेबल रश्मि शाहू मौजूद रहीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही अपनी सुरक्षा के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने के प्रति जागरूक करना है।
